bolne ka haq cheena ja sakta hai..
magar
Khamoshi ka nahi
एस वार की सर्दियों में अैसा ना होने पाए, चड़ती रहें चादरें मज़ार पर, और बाहर बैठा फ़क़ीर ठंड से Continue Reading..
*रोने से तो आंसू भी पराये हो जाते हैं,* *लेकिन मुस्कुराने से…* *पराये भी अपने हो जाते हैं !* *मुझे Continue Reading..
यदि हर सुबह नींद खुलते ही आप अपने लक्ष्य के प्रति उत्साहित नहीं है तो…? आप ज़िन्दगी जी नहीं रहे Continue Reading..
घड़ी⏰ की टिक टिक को मामूली न समझिये…! बस यूँ समझ लीजिये ” ज़िन्दगी_के_पेड़_पर कुल्हाड़ी_के_वार है…
देश का हर वक़्त विरोध करने वालो को बता दूँ इस वक़्त बीजेपी vs चीन नहीं है भारत Vs चीन Continue Reading..
*5 छिद्रों वाले घड़े को कैसे भरेंगे ?* *गुरु ने मुस्कान के साथ उत्तर दिया -पानी में ही डूबा रहने Continue Reading..
पानी फेर दो इन पन्नों पे, ताकी धुल जाये स्याही सारी.. जिन्दगी फिर से लिखने का मन होता है कभी-कभी..!!
‘वक्त ‘ बदलने के लिए ‘बुज़दिलों’ की फौज की दरकार नहीं , चंद ‘हौसले’ वालों की ‘अंगड़ाई ‘ ही काफी Continue Reading..
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