सारी उम्र मैं जोकर सा बना रहा, तेरे पीछे जिंदगी सर्कस हो गयी।
तु मिले या न मिले ये मेरे मुकद्दर की बात है.. ”सुकुन” बहुत मिलता है तुझे अपना सोचकर
कितने अंदाज से किया “नजर अंदाज” उसने, ऐ खुदा” उसके इस अंदाज को “नज़र” ना लगे.
-Kuch Es Tarah Se Naraaz Haii Woh Humse, Jaiise Unhe Kisii Aur Ne Mna Liiya Ho .. ‘
न रुकी वक़्त की गर्दिश और न ज़माना बदला……!! . . पेड़ सूखा तो परिन्दों ने ठिकाना बदला……!!
शक करके बर्बाद होने से अच्छा है कि, विशवास रखकर लुट जाये
हमने लिया सिर्फ होंठों से जो तेरा नाम.. दिल होंठो से उलझ पड़ा कि ये सिर्फ मेरा है !!
Main bahut Zalim Hun Aye Mere Dil.. . . Tujhe Hamesha Us Ke Hawale Kiya Jise TeRi Qadar Hi Nahi..
देख तेरी आँखे भी कमाल करती हैं, मुझ से पर्सनल_पर्सनल सवाल करती हैं..!
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