वो किताबों में दर्ज था ही नहीं, सिखाया जो सबक ज़िंदगी ने !!
कसूर उनका नहीं हमारा ही है…. हमारी चाहत ही इतनी थी कि उनको गुरूर आ गया।
जरा तो शर्म करती तू पगली. मुहब्ब्त चुप चुप के और नफरत सरे आम.
Hamare baad nhi aaye ga tumhe chahto ka aisa mja!! Tum logo ko khte firo ge, hume chaho uski tarah!!
दर्द ए दिल की दवा के लिये,हम महफिल में आया करते है, दो घूंट बस पीते है,बाकी दिल जलाया करते Continue Reading..
हम सादगी में झुक क्या गए , तुमने तो हमे गिरा हुआ ही समझ लिया
अजीब ज़ुल्म करती हैं तेरे यादें मुझ पर सो जायूं तो उठा देती हैं उठ जायूं तो रुला देती हैं
जो ज़िन्दगी का हिस्सा नहीं बनते वो शायरी बन कर रह जाते हैं जो एहसास मुक्कमल नहीं होते वो पलकों Continue Reading..
माना की मरने वालों को भुला देतें है सभी. . . मुझे जिंदा भूलकर उसने कहावत ही बदल दी
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