Toot Jata Hai Raabta khud Say Tujh Say Jab Raabta Nahi Hota.
Kuch nae mila bus ek sabaq de gaya..!! Khak ho jata hai insan khak se bane insan k liye
आज परछाई से पूछ ही लिया क्यों चलती हो मेरे साथ… उसने भी हँस के कहा….दूसरा कौन है तेरे साथ
Hum Toh Fanaa Ho Gey Uskii Ankheiin Dekh Kar, Naa Janey Woh Aaiina Kaisey Dekhtey Hongey ..
बस एक चेहरे ने तन्हा कर दिया हमे वरना हम खुद महफिल हुआ करते थे
दोस्तो उसे बता देना कि मर गया वो जो तुम पर मरा करता था
अपनों की चाहत मे मिलावट थी इस कदर. मैं तंग आकर दुश्मनों को मनाने निकल गया..
दुनिया मैं हर कोई एक दूसरे सें जल रहा है..! फिर भी कम्बख़्त इतनी ठण्ड क्यों पड़ रही है..!!
तुम्हारे दिल में कैद हैं हमारी धड़कनें.. धड़कते रहना वरना मर जाएंगे हम.. !
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