जरा तो शर्म करती तू पगली. मुहब्ब्त चुप चुप के और नफरत सरे आम.
रंग कैसा है तुम्हारे प्यार का.. जख़्म दिल के सब गुलाबी हो गए
~Mere Baad Kis Ko SataoGey .. Mujhe Kis Taaraha’n Dil Sey MitaoGey .. ^
काम ऐसा करो की नाम हो जाए । या फिर नाम ऐसा करो की सुनते ही काम हो जाए ।।।
मुझ पर इलज़ाम झूठा है…. _यारों…_ मोहब्बत की नहीं..हो गयी थी….!!
जिँदगी से हम अपनी कुछ भी उधार नही लेते . कफन भी लेते है तो अपनी जिँदगी देकर
हर एक शख्स ने अपने अपने तरीके से इस्तेमाल किया हमें… और हम समझते रहे लोग हमें पसंद करते हैं Continue Reading..
*तलब ये है कि…. मैं सर रखूँ तेरे सीने पे* *और तमन्ना ये कि….मेरा नाम पुकारती हों धड़कनें तेरी*
-Chal Pari Hoon Meiin Zamany Kay Asoolon Pe, Meiin Ab Apni Hii Baato’n Se Mukar Jatii Hoon .. ‘
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