*फिर उड़ गयी नींद ये सोच कर……* *सरहद पर बहा वो खून मेरी नींद के लिए था…..!!
Aur Woh Shakhs Jo Qatra Qatra Kar Kay Andar Utar Geya Ho, Woh Bhala Aisey Hi Kaisey Bhulaya Jaa Sakta Continue Reading..
यूँ तो मुझे झूठ से सख्त नफरत थी, लेकिन अच्छा लगता था जब वो मुझे “जान” कहा करती थी..
कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..💟
शायद कुछ दिन और लगेंगे, ज़ख़्मे-दिल के भरने में, जो अक्सर याद आते थे वो कभी-कभी याद आते हैं।
माँ तो माँ है जो पहेचान ही लेती है,* *की आँखें सोने से लाल है या रोने से !!
बन्दा खुद की नज़र में सही होना चाहिए… दुनिया तो साली भगवान से भी दुखी है |
सूना है प्यार में लोग जान तक दे देते है…. पर जो लोग “वक्त” नहीं देते वो जान क्या देंगे….!!
भूखा पेट,खाली जेब और झूठा प्रेम इन्सान को जीवन मे बहुत कुछ सिखा जाता है
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