बस एक चेहरे ने तन्हा कर दिया हमे वरना हम खुद महफिल हुआ करते थे
~ Agar Samaj Pate Tum Merii Chahat Ki Inteha Toh .. Hum Tumsey Nahi Tum Humse Mohabbat Kartey .. ‘
तुम्हारे एक लम्हें पर भी मेरा हक नही ना जाने तुम किस हक़ से मेरे हर लम्हें मैं शामिल हो
कैसे सोऊ सुकून की नींद में साहब… सुकून से सुलाने वालों के तो शव आ रहें हैं..
इतर से कपड़ों का महकाना कोई बड़ी बात नहीं हे, मज़ा तो तब है जब आपके किरदार से खुशबु आये.
अब ऩ कोई हमे अपनेपन का यकीन दिलाये, हमें रूह में भी बसा कर निकाला है लोगो ने..
जिसको मुझ पर भरोसा नहीं है, उसकी मेरी जिंदगी में कोई जरुरत नहीं है !!
अगर इतनी नफरत है मुझसे तो कोई ऐसी दुआ कर, जिससे तेरी दुआ भी पूरी हो जाऐ और मेरी जिन्दगी Continue Reading..
..जब था तो बहुत पुख्ता था , एक शख़्स से रिश्ता…. ….टुटा है , तो अब टुकड़े संभाले नहीं जाते…
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