Sharafat ki duniya Ka kissa hi Khatam, ab jaisi duniya, waise hum.
~Meethi Neend, Sukoon Aur Raahat Sab Kuch Ishq Se Pehle Hi Tha ..’
मैं रोज अपने खून का दिया जलाऊँगा, ऐ इश्क तू एक बार अपनी मजार तो बता
सुनो एक फ़िक्र, किसी का #ज़िक्र साथ ले जाऊँगा थोड़ा #हँसा, तो कुछ पल रुला के चला #जाऊँगा
~Bahot Mehsoos Hota Haii, Tera, Mehsoos Na Karna .. ‘
अजीब है इन्सान की शख़्सियत यारों, हवस ख़ुद की उठती है “तवायफ़” उसे बोलता है…
तरस जाओगे मेरे लबोँ से सुनने को एक लफ्ज, प्यार की बात तो दूर, हम शिकायत भी नही करेगे
ज़िन्दगी में एक ऐसे इंसान का होना बहुत ज़रूरी है.. जिसको दिल का हाल बताने के लिए लफ़्ज़ों की जरुरत Continue Reading..
बहन का प्यार है इसमें हिफाज़त का तक़ाज़ा भी, इसी रेशम के धागे पर कलाई नाज़ करती है।
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