ख़ुशी कहा हम तो “गम” चाहते है, ख़ुशी उन्हे दे दो जिन्हें “हम” चाहते हे. –
हम सादगी में झुक क्या गए , तुमने तो हमे गिरा हुआ ही समझ लिया
जिंदगी जला दी हमने जब जैसी जलानी थी, अब धुऐ पर तमाशा कैसा और राख पर बहस कैसी.
राहों का ख़याल है मुझे.. मंज़िल का हिसाब नहीं रखती। अल्फ़ाज़ दिल से निकलते है.. मैं कोई किताब नहीं रखती।।
Tum LOat ky Ane kya TakaLuf Maat kernA.. . M@h¡. . Hum ek Muhabbt dubrA Nae kertay..
कुछ दस्तकें, नींद तोड़ने आती हैं और कुछ… सिर्फ दिल।
Hote hain shayad sirf nafrat mein hi pakke rishte, Warna ab to tan se libaas utarne ko mohhabat kehte h
दिलों की बात करता है ज़माना . पर मोहब्बत आज भी चेहरे से शुरू होती है.
में अब वो 😢आँशु बहा रहा हूँ जो मेरी किस्मत 😢में लिखे नही थे
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