~देख जिँदगी तू हमे रुलाना छोड दे अगर हम खफा हूऐ तो तूझे छोड देँगे
Ye wajbaat_e_ishQ hum pe hi Qarz kyu …?? Wo bhi adaa kry k muhabbat usy bhi thi …
जब TRUST टूट जाता है ना तो…!!! SORRY का भी कोई मतलब नहीं रहता हैं
kuch Is Qadar Bhi To Aasan Nahi Hai IshQ Tera, Ye Zeher Dil Mein Utar Kar Hi Raas Aata Hai, Continue Reading..
इतनी बेरुखी ना करो कुछ तो रहम करो, तुम पर मरते हैँ तो क्या मार ही डालोगे…
काश मेरा घर तेरे घर के करीब होता, बात करना ना सही, देखना तो नसीब होता
यकीन मानो रिश्ता तोड़कर एक बार रोना….. रिश्तें में रहकर रोज रोज रोने से लाख गुना बेहतर होता है….
तमन्ना थी सदा जिनके करीब रहने की❤ अब खुद ही उनसे बहुत दूर हुए जा रहा हूँ।
अंदाजा लगाओ मेरी मोह्हबत का इस बात से ही. तुम्हारे नाम का हर शख्स मुझे अच्छा लगता है…!!
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