~Suno ! December Ki Sard Hawao’n Ki Qasam Mujhe Tum Zehar Lagtey Ho ..’
सुनो एक बार और मोहब्बत करनी है तुमसे, लेकिन इस बार बेवफाई mai karunga.
मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदलकर देख मुझसे भी बुरे है लोग तू घर से निकलकर तो देख
हमसे मोहब्बत का दिखावा न किया कर, हमे मालुम है तेरे वफा की डिगरी फर्जी है
~ Hum Se Bichar Kar Ab Wo Khush Rehte Hain Afsos! K Hum Ne Unki Khushi Cheen Rakhi Thi .. Continue Reading..
Îshq mein fanaa ho jana hai Dastoor hi Yahi.. Jis mein ho Sabar ki Fitrat wo Îshq hi Nahi…
इक झलक जो मुझे आज तेरी मिल गयी मुझे फिर से आज जीने की वजह मिल गयी
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने….. हमें इश्क का शौक है, आवारगी का नही…
हम वही हैं बस ज़रा सा ठिकाना बदल दिया है आजकल तेरे दिल से निकल कर अब अपनी औक़ात में Continue Reading..
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