Dil bhi gustakh ho chala tha mera.. Shukar he aap be wafaa niklay..
मेरे कंधे पर कुछ यूँ गिरे तेरे आंसू, कि सस्ती सी कमीज़ अनमोल हो गयी.!!
आज तो दिल भी धमकियाँ दे रहा है।। कर याद उसे वरना धड़कना छोड़ दूंगा
मुझे आज भी उसकी शिद्दत रोने नही देती, कहती थी मर जायेंगें तेरे आँसुओं के गिरने से पहले
कहा था ना मैने “सोच लो तुम” जिन्दगी भर रिश्ते निभाना आसान नहीं होता..
यूँ तो आदत नहीं मुझे मुड़ के देखने की… तुम्हें देखा तो लगा…एक बार और देख लू…
बेचैन, उदास और बहुत प्यासी हैं आँखें, तुम पलट कर मुस्कुरा दो तो सब ठीक हो जाए।
सवर रही है….अब वो …. किसी और के लिए, पर मैं…. बिखर रहा हूँ …..आज भी उसी के लिए
तू रूठा रूठा सा लगता है कोई तरकीब बता मनाने की मैं ज़िन्दगी गिरवी रख दूंगा तू क़ीमत बता मुस्कुराने Continue Reading..
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