गलतफहमी में जिंदगी गुजार दी,, कभी हम नहीं समझे कभी तुम नहीं समझे
kuch Is Qadar Bhi To Aasan Nahi Hai IshQ Tera, Ye Zeher Dil Mein Utar Kar Hi Raas Aata Hai, Continue Reading..
बेकल बेकल रहते हो पर महफ़िल के आदाब के साथ आँख चुरा कर देख भी लेते भोले भी बन जाते Continue Reading..
ख़ुबसूरत था इस क़दर के महसूस ना हुआ,,,,,,,, कैसे कहाँ और कब मेरा बचपन चला गया
~ Meri Zindagii Ke Taliban Ho Tum Be’Maqsad Tabahi Macha Rakhii Haii ..’
मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदलकर देख मुझसे भी बुरे है लोग तू घर से निकलकर तो देख
हर सजा क़बूल की सर झुका के हमने, जैसे कोई बहुत बड़ी भूल कर दी दिल लगा के हमने !!
जब नफ़रत करते करते थक जाओ..।😣😢 तो एक मौका प्यार को भी दे देना।।
Ye wajbaat_e_ishQ hum pe hi Qarz kyu …?? Wo bhi adaa kry k muhabbat usy bhi thi …
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