गलतफहमी में जिंदगी गुजार दी,, कभी हम नहीं समझे कभी तुम नहीं समझे
Dil To Kia Cheez Hai Hum Rooh Mien Otrey Hote… Tumne Chaha He Nahin Chahney Walon Ki Tarah….
क्यों पहनती हो चूड़ी, क्यों पहनती हो कंगना,* *सजने का ही शोक है तो फिर बना लो न सजना .😀
आदत बना ली है….मैंने खुद को तकलीफ देने की, ताकि जब कोई अपना तकलीफ दे तो फिर तकलीफ न हो.
ज़िंदगी भर मौत के लिए दुआ करते रहे खुद से.. और जब जीना चाहा तो दुआ क़बूल हो गई…!!
काश मेरा घर तेरे घर के करीब होता, बात करना ना सही, देखना तो नसीब होता
है ये मेरी बदनसीबी तेरा क्या कुसूर इसमें, तेरे ग़म ने मार डाला मुझे ज़िन्दग़ी से पहले…..!!!
निगाहों से भी चोट लगती है जब हमें कोई देखकर भी अनदेखा कर देतें हैं !!
तमन्ना थी सदा जिनके करीब रहने की❤ अब खुद ही उनसे बहुत दूर हुए जा रहा हूँ।
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