-Qafiila Khushbuon Ka Guzra Haii Tum Kahin Aas Paas Ho Shayad .. ‘
Woh Jo Lakhon Mein, Ek Hota Hai Mere Liye, Woh Ek Shakhs Ho Tum.
जिनके मिलते ही… ज़िन्दगी में ख़ुशी मिल जाती है … वो लोग जाने क्यों… ज़िन्दगी में कम मिला करते है…!!
धडकनों को कुछ तो काबू में कर ए दिल अभी तो पलकें झुकाई है मुस्कुराना अभी बाकी है उनका.
तेरी तलाश में निकलु भी तो क्या फायदा, तु बदल गया हैं ,खोया नही हैं ।
खामोशियाँ तेरे मेरे बीच…कितनी सच्ची लगती हैं… लफ्जों के धोखे से कहीं दूर…चुपके से हंसते हैं….
-Guzarr Geya Aj Ka Din Bhii Yoon’Hii Be’Wajah Naah Mujhe Fursat Milii Naah Usee Khayal Aaya .. ‘
“मर्दाना कमजोरी” के इलाज पर रंगी हुई है शहरों की दीवारें… और लोग कहते हैं कि “औरतें कमज़ोर” हैं…
पुछा उसने -मुझे, कितना प्यार करते है? मै चुप रहा यारो क्योकि, मुझे तारो की गिनती नही आती..
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