-Qafiila Khushbuon Ka Guzra Haii Tum Kahin Aas Paas Ho Shayad .. ‘
जुबां कह न पाई मगर,आँखे बोलती ही रही, कि मुझे सांसो से पहले तेरी जरूरत है.
तेरा नाम जुबाँ पर आते आते रुक जाता है… . जब कोई मुझसे मेरी आखरी ख्वाहिश पूछता है…
बादलों से कह दो अब इतना भी ना बरसें, गर मुझे उनकी याद आ गई, तो मुकाबला बराबरी का होगा…
~अब भी रोज तुम्हारे स्टेट्स पर एक नजर मार लेता हूं,, ये सोच कर शायद तुमने मेरे बारे में भी Continue Reading..
-Hum Gareeb Ache Haiin Duniiya Dar Logon Se, Hum Apne Khawab Zaroor Torty Haiin Kisii Ka Dil Nahii .. ‘
ख़ुशी कहा हम तो “गम” चाहते है, ख़ुशी उन्हे दे दो जिन्हें “हम” चाहते हे.
दुआ करो की..मैं कोई रास्ता निकाल सकूँ… तुम्हे भी देख सकूँ…खुद को भी सम्भाल सकूँ….
आप कब सही थे। इसे कोई याद नही रखता। लेकिन आप कब गलत थे इसे सब याद रखते है।…
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