-Qafiila Khushbuon Ka Guzra Haii Tum Kahin Aas Paas Ho Shayad .. ‘
Aa kuch likhdu tere bare meIN, Tu bhi dhundhti hogi khud ko mere Lafzon meIN
मेरे साथ बिताए लम्हो की याद जरा सम्भाल कर रखना . क्योकि हम याद तो आएगे मगर लौटकर नही
अजीब सी नींद मेरे नसीब में लिखी हे …. पलके बंद होती हे तो दिल जाग जाता हे
जिंदगी अगर समझ ना आयी,तो मेले में अकेला, अगर समझ आ गई…….तो अकेले में मेला.
Tumhain tarteeb dy raha hon main, Mery andar bikhar gaye ho tum…!!!
सहजता से निभ सके वे ही रिश्ते सुखद है जिन्हें निभाना पड़े वो रिश्ते नहीं दुनियादारी है !! 🌺💐🙏 *शुप्रभात* Continue Reading..
में खुश हूँ कि उसकी नफरत का अकेला वारिस हूँ वरना मोहब्बत तो उसे कई लोगो से है…..
मजबूर नही करेंगे तुझे वादे निभानें के लिए, बस एक बार आ जा, अपनी यादें वापस ले जाने के लिए..!!
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