~ Meri Zindagii Ke Taliban Ho Tum Be’Maqsad Tabahi Macha Rakhii Haii ..’
इतनी उदास न हो, ऐ जिन्दगी खोते वही हैं, जो कुछ पाने की तमन्ना रखते हैं |
ऐ खुदा हिचकियों में कुछ तो फर्क डालना होता अब कैसे पता करूँ कि कौनसी वाली याद कर रही है
ना सलाम याद रखना ना पैगाम याद रखना। छोटी सी तमन्ना है ऐ दोस्त मेरा नाम याद रखना।
~Woh Ek Shakhs Zindagi Jaisa, Aur Woh Hii Merii Zindagi Mein Nahi ..’
वह मेरा वेहम था की वो मेरा हमसफ़र है। वह चलता तो मेरे साथ था पर किसी और की तलाश Continue Reading..
मंजिलो पर जाकर साथ छोडते तो कोई बात न थी गुमराह कर गया मुझे तेरा यूँ बीच राह में छोड Continue Reading..
सारी उम्र बस एक ही सबक* याद रखना, दोस्ती और “दुवा”* में बस नियत साफ़ रखना.
मेरे विचार से झूठा वादा करने से विनम्र इन्कार करना अच्छा है
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