– Yes I’m -Nakhrey Wali- BeCause I Have -Nakhrey Uthaney- Wala .. ‘
मन्दिर मस्जिद सी थी मोहब्बत मेरी, बेपनाह इबादत थी फिर भी एक न हो सके
रोज़ ख्वाबों में जीता हूँ वो ज़िन्दगी … जो तेरे साथ मैंने हक़ीक़त में सोची थी
Beet Jaati Hai Jis Ki Puri Raat Siskiyon Mein, Wo Shaqs Din Ke Ujaalon Mein Saare Jahan Ko Hasata Phirta Continue Reading..
कोई खुद में खो गया हमें भूलकर हम खुद को भूला बैठे उनकी यादों में खोकर
इत्तेफ़ाक़ से मिल जाते हो जब वो राह में कभी, यूँ लगता है करीब से ज़िन्दगी जा रही हो जैसे।
Ek sukun or ek tum Pta nhi Kahn gum ho jate ho
बचपन में भरी दुपहरी नाप आते थे पूरा महोल्ला, 💗जब से डिग्रियाँ समझ में आई, पाँव जलने लगे
नींद छीन रखी है उसकी यादों ने, गिला उसकी दूरी से करें या अपनी चाहत से !!
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