koi apna nhi hota ye bhi apno ne hi sikhaya h
शुक्र है हँसी बाजार में नहीं बिकती साहब, वरना लोग गरीबों से यह भी छीन लेते
-Unhe Jhooth Bolney Ki Aadat Thii, Aur Humeiin Yaqeen Karney Ki .. ‘
*न जाने कैसी “नज़र” लगी है “ज़माने” की…* कमब्खत *”वजह”* ही नही मिलती *”मुस्कुराने”* की.
किसी ने धूल क्या झोंकी आखों में, पहले से बेहतर दिखने लगा है.
दिन में ना जाने कितनी बार होता है ऐसा… तेरी याद आना और मेरा उदास हो जाना
बादशास की गली मे आकर कभी पता नही पूछा करते . गुलामो के झुके हुए सर खुदबखुद रास्ता बता देते Continue Reading..
अक्ल कहती है, ना जा कूचा-ए-क़ातिल की तरफ; सरफ़रोशी की हवस कहती है चल क्या होगा।
मांगो तो उस रब से मांगो जो सबका दाता है इंसानो की बात न करीये जो नंगे बदन आता है Continue Reading..
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *