जरा तो शर्म करती तू पगली. मुहब्ब्त चुप चुप के और नफरत सरे आम.
Nahi Rehta Koi Shakhs Adhoora Kisi Cheez Ke Bina … Waqt Guzar Hi Jata Hai Kuch Pakar Bhi Kuch Kho Continue Reading..
~ बड़ा अजीब सा जहर था उसकी यादों का सारी उम्र गुजर गयी मरते – मरते .. ^
एहसान जताना जाने कैसे सीख लिया.. मोहब्बत जताते तो कुछ और बात थी।
सुना है तुम ले लेते हो हर बात का बदला ……. आजमाएंगे कभी तुम्हारे लबों को चूम कर
किसी से कुछ नही कहूंगा में देख लेना एक दिन यूँही मर जाऊंगा में
~Jab Bhi Dil Udaas Hota Haii Wajah Teri Yaad Banti Haii .. ‘
कर्म भूमि पे फल के लिए श्रम सबको करना पडता है रब सिर्फ लकीरेँ देता है रंग हमको भरना पडता Continue Reading..
उसके जाने के बाद मोहब्बत नहीं करते हम किसी से छोटी सी ज़िन्दगी है किस किस को आजमाते रहेंगे
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