जरा तो शर्म करती तू पगली. मुहब्ब्त चुप चुप के और नफरत सरे आम.
~Kitnii Dilkash Hai Us Ki Khamoshii, Sarii Bateiin Fazool Hon Jaiise .. ‘
में खुश हूँ कि उसकी नफरत का अकेला वारिस हूँ वरना मोहब्बत तो उसे कई लोगो से है…..
जिँदगी से हम अपनी कुछ भी उधार नही लेते . कफन भी लेते है तो अपनी जिँदगी देकर
हमने कहाँ आज कुछ मीठा बनाओ उन्होंने ऊगली अपने होठो पर रख दी !
ये मत सोचना की हम जुदा हो गए तेरी याद से, बस तेरी ख़ुशी की खातिर तुझसे बात करना छोड़ Continue Reading..
जरुरी तो नहीं हर चाहत का मतलब इश्क हो कभी कभी कुछ अनजान रिश्तों के लिए भी दिल बेचैन हो Continue Reading..
Ek sukun or ek tum Pta nhi Kahn gum ho jate ho
रुलाने में अक्सर उन्ही का हाथ होता है. जो कहते है कि तुम हँसते हए बहुत अच्छे लगते हो.
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