कोई वकालत नही जलती जमीन वालो की,
जब कोई फैसला आसमान से उतरता है
वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोह्हबत से नफ़रत हो गयी
*जिन्दगी में ‘कुछ’ चीजे भुलाई नही जा सकती* *मेरी जिन्दगी में सब ‘कुछ’ सिर्फ तुम ही हो*
बहन का प्यार है इसमें हिफाज़त का तक़ाज़ा भी, इसी रेशम के धागे पर कलाई नाज़ करती है।
” बुंलदी तक पहुंचना चाहता हूँ मै भी, पर गलत राहो से गुजर के जाऊ ” इतनी भी जल्दी नही Continue Reading..
गिला भी तुझ से बहुत है, मगर मोहब्बत भी, वो बात अपनी जगह है, ये बात अपनी जगह
क्या अजीब सबूत माँगा है उसने मेरी मोहब्बत का…… मुझे भूल जाओ तो मानू की तुम्हे मुझसे मोहब्बत है……..!!!!!!
कुछ नहीं है आज मेरे शब्दों के गुलदस्ते में, कभी कभी मेरी खामोशियाँ भी पढ लिया करो…!
जब तक आप अपने अतीत को याद करते रहेगे तब तक आप भविष्य की योजनाएँ नही बना पाएगे
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