-Ek Muddat Se Waqt Khamosh Tha Aaj, Lamhe Fir Yoon Hi Kuch Kehne Lage .. ‘
आदत बना ली है….मैंने खुद को तकलीफ देने की, ताकि जब कोई अपना तकलीफ दे तो फिर तकलीफ न हो.
Muhabbat kesi bhi h0 Sahib…! Sajda kerna sikha deti hai…!
देख तेरी आँखे भी कमाल करती हैं, मुझ से पर्सनल_पर्सनल सवाल करती हैं..!
सुना था.. मोहब्बत मिलती है, मोहब्बत के बदले | हमारी बारी आई तो, रिवाज हि बदल गया ||
यकीन मानो रिश्ता तोड़कर एक बार रोना….. रिश्तें में रहकर रोज रोज रोने से लाख गुना बेहतर होता है….
वो जो मुझे हँसते हुए देख कर खुश समझते हैं , वो अभी मुझे समझे नहीं।
आज तो हम खूब रुलायेंगे उन्हें, सुना है उसे रोते हुए लिपट जाने की आदत है!
मेरी आँखों में मत ढूंढा करो खुद को पता है ना.. दिल में रहते हो खुदा की तरह
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