तेरे करीब आकर बड़ी उलझन में हूँ मै गैरो में हूँ या तेरे अपने में हूँ
बहते पानी की तरह है फितरत- ए-इश्क•••• रुकता भी नहीं- थकता भी नहीं….. और मिलता भी नहीं
हम ने कब माँगा है..तुम से.. अपनी वफ़ाओं का सिला.. बस दर्द देते रहा करो.. मोहब्बत बढ़ती जाएगी..
Aaj har ek pal khoobsurat hai Dil main teri sirf teri surat hai. Kuch bhi kahe ye duniya gum nahi Continue Reading..
बहुत ही खूबसूरत लम्हा था वो … जब उसने कहा था मुझे तुमसे मोहब्बत है और तुमसे ही रहेगी
~Jisam Chune se Mohabbat Nahi Hotii Yeh Woh Jazba Hai Jisay Emaan Kehtey Hain .. ‘
अपना ध्यान रखना कुछ खाया या नहीं । । । इन चन्द शब्दों में जहां हैं
लिख दूं “किताबें” तेरी मासूमियत पर .. “फिर” डर लगता है कहीं हर कोई तुझे पाने का तलबगार ना हो Continue Reading..
उसे देखना था चाँद… फिर भी वो मेरे इंतज़ार में थी ।। मैं जानता था इबादत उसकी… वो बस मेरे Continue Reading..
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