-Tumharii Yeh Aam Sii Baateiin Mujhey Bohat Khas Lagtii Haii .. ‘
वो दुआएं काश मैने दीवारों से मांगी होती, ऐ खुदा.. सुना है कि उनके तो कान होते है!!
खाना बना रही थी ना इसलिए गरम हूं, ये केहकर एक माँ ने अपना बुखार छूपा लिया.
मेरी कोशिश हमेशा से ही नाकाम रही पहले तुजे पाने की अब तुजे भुलाने की.
Meri Wafa Fareb Thi,, Meri Wafa Pe khaak Daal.!! Tujh Sa Hi koi Ba’Wafa Tujh Ko Mily Khuda Kary.!!
सुनो ना….हम पर मोहब्बत नही आती तुम्हें, रहम तो आता होगा?
झुका लेता हूँ अपना सर हर मज़हब के आगे, पता नहीं किस दुआ में तुझे मेरा होना लिखा हो..
मालूम नहीं मुझे मेरी फितरत में क्या है ‘ ये तो वो दिन बताएगा जब मेरे जाने की खभर आएगी.
तेरी यादो को पसन्द आ गई है मेरी आँखों की नमी, हँसना भी चाहूँ तो रूला देती है तेरी कमी
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