बहुत भीड़ हो गयी है तेरे दिल में, अच्छा हुआ हम वक़्त पर निकल गए
जनाजा भारी था उस गरीब का क्यूंकी, वो अपने सारे अरमान साथ लिए जा रहा था
~Woh Ek Shakhs Zindagi Jaisa, Aur Woh Hii Merii Zindagi Mein Nahi ..’
उन्हें वहम है कि बस मुँह फेरकर भुला पाएँगे हमें …. कोई समझाए कि आँखें मूँदने से रात नहीं हुआ Continue Reading..
काम ऐसा करो की नाम हो जाए । या फिर नाम ऐसा करो की सुनते ही काम हो जाए ।।।
जिन्दा रहो जब तक, लोग कमियां ही निकालते हैं, मरने के बाद जाने कहाँ से इतनी अच्छाइयां ढूंढ लाते हैं Continue Reading..
पाना है मुक्काम ओ मुक्काम अभी बाकी है अभी तो जमीन पै आये है असमान की उडान बाकी है !
तुम्हारे हर सवाल का जवाब मेरी आँखों में था और तुम मेरी जुबान खुलने का इंतज़ार करते रहे।
निग़ाहों में अभी तक दूसरा कोई चेहरा ही नहीं आया.. !! भरोसा ही कुछ ऐसा था,तेरे लौट आने का…!!
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