शक करके बर्बाद होने से अच्छा है कि,
विशवास रखकर लुट जाये
बहुत देर करदी तुमने मेरी धडकनें महसूस करने में. वो दिल नीलाम हो गया, जिस पर कभी हकुमत तुम्हारी थी.
हम तो नरम पत्तों की शाख़ हुआ करते थे. छीले इतने गए कि “खंज़र ” हो गए….
मेरी कहानी तुम सुन सको…!!! . . इतने आँसू कहाँ हैं तुम्हारे पास…!!!
Mohabt kisi se Tb Hi Krna Jb Mohabt Ko nibhna seekh lo, Mjburiyon Ka Sahara Le Kr Chorr Dena Wafadari Continue Reading..
फिर से तेरी यादें मेरे दिल के दरवाजे पे खड़ी हैं वही मौसम, वही सर्दी, वही दिलकश ‘जनवरी’ है !!
Ab to shayed hi mujhse mohabbat kare koi, Meri ankhon mein tum saaf nazar aate ho..
Badal gae hain ab hum dono …! Na woh manti hai , na mai roht’ta Hun …!!!
जनवरी से तुम्हें खुशियाँ मिली क्या यारो, मैं तो अब भी तन्हा हूँ दिसंबर की तरह !!
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