मेरे विचार से झूठा वादा करने से विनम्र इन्कार करना अच्छा है
याद करने की हमने हद कर दी लेकिन , भूल जाने में तुम भी कमाल करते हो ||
सारी उम्र बस एक ही सबक* याद रखना, दोस्ती और “दुवा”* में बस नियत साफ़ रखना.
गुनहगारों की आँखों में झूठे ग़ुरूर होते हैं, हाँ शर्मिन्दा तो सिर्फ़ बेक़सूर होते हैं..!
काश में लौट जाओ बचपन की वादियो में जहाँ कोई न जरूरत थी और ना कोई जरुली था
रोकना मेरी हसरत थी, जाना उसका शौक . . . . वो शौक पूरा कर गया, मेरी हसरतेँ तोङ कर Continue Reading..
क्या अजीब सबूत माँगा है उसने मेरी मोहब्बत का…… मुझे भूल जाओ तो मानू की तुम्हे मुझसे मोहब्बत है……..!!!!!!
~Seene Ke Andr Kuch Toot Sa Geya, Haii Dua Kro Kahii Woh Dil Na Ho .. ‘
बिछड़े थे किस गुरूर से वो भी तो याद कर, आए जो अब आँख में आँसू,फिज़ूल हैं…!!
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