~Woh Roz Jorhtah Haii Mujhe, Phiir Se Torhney Ke Liiye .. ‘
*खामोशी से बनाते रहो पहचान अपनी..* *हवाएँ ख़ुद गुनगुनाएगी नाम तुम्हारा..!!*
आज परछाई से पूछ ही लिया क्यों चलती हो मेरे साथ… उसने भी हँस के कहा….दूसरा कौन है तेरे साथ
मेरा कातिल कहीं मिले तो उसे ये खबर जरुर दे देना, जिसका तुमने कत्ल किया था वो शक्स आज भी Continue Reading..
अगर कोई आप पर आँख बंद करके भरोसा करे तो आप उसे ये एहसास मत दिलाओ कि वह सच मे Continue Reading..
सुनसान सी लग रही है , आज ये शायरों की बस्ती….* *क्या किसी के दिल मे , अब दर्द नहीं Continue Reading..
Jo Log Khamosh Mohabbat Kartey Haii, Woh Mohabbat Boht Kamaal Ki Kartey Haii ..
नाज़ुक लगते थे जो हसीन लोग, वास्ता पड़ा तो पत्थर के निकले.
मीठी यादों के साथ गिर रहा था, पता नहीं क्यों फिर भी मेरा वह आँसु खारा था.
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