कहा था सबने, डूबेगी यह कश्ती
मगर हम जानकर बैठे उसी मेंll
राख से भी आएगी खुशबू मोहब्बत की, मेरे खत तुम सरेआम जलाया ना करो..!!
मर जाने के लिए थोड़ा ज़हर काफ़ी है, मगर जीने के लिए काफ़ी ज़हर पीना पड़ता है।
मोहब्बत में हमेशा अपने आप को बादशाह समझा हमने मगर एहसास तब हुआ जब किसी को माँगा फकीरों की तरह
Gham_e_khas perr kabhi chup rhy … Kabhi rO diy gham_e_aam per …!!!
नही हो सकती ये महौब्बत तेरे सिवा किसी और से… बस इतनी सी ही बात है…समजते क्यों नही..
ऐ-दिल ज़रा मालूम तो कर,कहीं वो तो नहीं आ रहें . महफिल में उठा हैं शोर माशाअल्लाह-माशाअल्लाह
ये दरिया-ए-अफसाना कभी ख़त्म ही नही होता ना तुम आते ना ये यादों का कारवां ही ख़त्म होता….
हद से ज्यादा प्यार तब करो जब सामने वाला तुम्हारे प्यार के काबिल हो, क्यूंकि बेवफा लोगों पर प्यार लुटाने Continue Reading..
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