कहा था सबने, डूबेगी यह कश्ती
मगर हम जानकर बैठे उसी मेंll
यूँ तो शिकायते आप से सैंकड़ों हैं मगर.. आप एक मुस्कान ही काफी है मनाने के लिये।
बहुत मुस्कुरा रहे हो जनाब, लगता है तुम्हारा इश्क अभी नया नया है ।
शीशा टूटने के बाद बिखर जाए वो ही बेहतर है, क्यूंकि दरारें ना जीने देती है और ना ही मरने Continue Reading..
DiL लेकर क्या KaRoGi बताओ तो sAHi tUm_sE ज़ुल्फें तो ApNi संभाली नहीं JaTi..
अधिक सीधा-साधा होना भी अच्छा नहीं होता है, सीधे वृक्ष सबसे पहले काट लिये जाते हैं।
Mat baha aansoo beqadron k liye jo qadar karte hein wo kabi rone nahi deite”.
तेवर तो हम वक्त आने पर दिखायेँगेँ.. शहर तुम खरीद लो हूकूमत हम चलायेँगेँ
उसके जाने के बाद मोहब्बत नहीं करते हम किसी से छोटी सी ज़िन्दगी है किस किस को आजमाते रहेंगे
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