~ Khushii Walii Raat Neend Nahi Aati Aur Ghum Walii Raat Kaun Sota Haii .. ‘
Related Posts
माना की मरने वालों को भुला देतें है सभी. . . मुझे जिंदा भूलकर उसने कहावत ही बदल दी
~Jaate Hue Wo Bas Itna Hi Keh Gya Paagal Jeena Sikh Lo Ab Wese Pyaar Accha Kar Leti Ho ..’
यूँ तो शिकायते आप से सैंकड़ों हैं मगर.. आप एक मुस्कान ही काफी है मनाने के लिये।
जिन आंखो को “सजदे” मे रोने की आदत हो* *वो आंखे कभी अपने “मुक्कदर” पे रोया नही करती*
तुम दूर हो या पास फर्क किसे पड़ता है, तू जँहा भी रहे तेरा दिल तो यँही रहता है..
रोना ही है ज़िन्दगी तो हँसाया क्यो.. जाना था दूर तो नज़दीक़ आया ही कयो
शिकवे तो बहुत है,मगर शिकायत नही कर सकते…!! मेरे होंठों को इजाजत नही है,तेरे खिलाफ बोलने कि !
*न जाने कैसी “नज़र” लगी है “ज़माने” की…* कमब्खत *”वजह”* ही नही मिलती *”मुस्कुराने”* की.
