~Suno ! December Ki Sard Hawao’n Ki Qasam Mujhe Tum Zehar Lagtey Ho ..’
इतनी ठोकरे देने के लिए शुकरि्य़ा ‘ऐ’ जिन्दगी…. चलने का ना सही….. सम्भलने का हुनर ताे आ ही गया….
जिस के जी में जो आता है कह जाता है… दिल का क्या है सबकी सुन के रह जाता है…
Wo SaAth Tha To Mano Jjannat Thi Zindagi Ab To Har Saans Zinda Rahne Ki Wajah Poochti Hai !!
तमननाओ की महफिल तो हर कोई सजाता है पर . पुरी उसी की होती जो तकदीर लेकर आता है
सारी उम्र मैं जोकर सा बना रहा, तेरे पीछे जिंदगी सर्कस हो गयी।
प्रेम के चक्रव्युह को तोड़ना जानती थी तुम….!! मैं अभिमन्यु था,तो मारा गया….!!
Hawa jab zard pattO’n kO juda shakhOn se krti hai ___ Mujhe tum se bichar jana bOht hi yad ata Continue Reading..
मेरी आशिकी भी थोड़ी अलग सी है। वो स्टेशन पर बैठी थी सर्द रात में, मैने घर में रजाई ओढ़ना Continue Reading..
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