~Suno ! December Ki Sard Hawao’n Ki Qasam Mujhe Tum Zehar Lagtey Ho ..’
भरने को तो हर ज़ख्म भर जाएँगे, कैसे भरेगी वो जगह जहां तेरी कमी होगी !!
‘बड़ी बारीकी से तोडा है, उसने दिल का हर कोना, मुझे तो सच कहुँ, उस के हुनर पे नाज़ होता Continue Reading..
ना तुझको खबर हुई ना ज़माना समझ सका, हम तुझ पर, चुपके-चुपके से कई बार मर गये..
मैं उसका हूँ ये तो सारी दुनिया जान चुकी है, वो किसकी है ये सवाल मुझे सोने नही देता ॥
मोह्हब्ब्त किसी से तब ही करना जब निभाना सिखलो .. मजबूरियों का सहारा लेकर छोड़ देना वफादारी नही होती.
वो भी आधी रात को निकलता है और मैं भी, फिर क्यों उसे “चाँद” और मुझे “आवारा” कहते हैं
कैसे सोऊ सुकून की नींद में साहब… सुकून से सुलाने वालों के तो शव आ रहें हैं..
~Kantay To Naseeb Main Ane Hi The Phool Jo Hum Ne Gulaab Chuna Tha .. ^
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *