~ Ek Chehre Pe Hazzar Chehre Haii, Kis Chehre Ka Aitbaar Karoon .. ‘
दम तोड़ जाती है हर शिकायत लबों पे आकर, जब मासूमियत से वो कहती है मैंने क्या किया है
कोई खुद में खो गया हमें भूलकर हम खुद को भूला बैठे उनकी यादों में खोकर
Tujhko Socha to bahot Par likha kam Maine, Ke Teri Tareef Ke Qaabil Mere Alfaz Kahan..
आज पगली बरसो बाद मिली तो गले लगकर खूब रोइ….. जानते हो ये वही थी जिसने कहा था तेरे जैसे Continue Reading..
क्या अजीब सबूत माँगा है उसने मेरी मोहब्बत का…… मुझे भूल जाओ तो मानू की तुम्हे मुझसे मोहब्बत है……..!!!!!!
इतनी बेरुखी ना करो कुछ तो रहम करो, तुम पर मरते हैँ तो क्या मार ही डालोगे…
Mujhe Ek Baat Se Bahut Sukoon Milta Hai. Mera Koi Nahi But Mai Sabka Hun.. !!
तुम्हारे हर सवाल का जवाब मेरी आँखों में था और तुम मेरी जुबान खुलने का इंतज़ार करते रहे।
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *