कुछ दस्तकें, नींद तोड़ने आती हैं और कुछ… सिर्फ दिल।
दुआ करो की..मैं कोई रास्ता निकाल सकूँ… तुम्हे भी देख सकूँ…खुद को भी सम्भाल सकूँ….
Shikayatein toh bahut hai tujh se eh zindagi… Par tune jo diya…woh bhi bahut toh ko nasseb nahi….
तुम साथ हो तो मुकद्दर पे हकुमत हैं अपनी। बिन तेरे ज़िन्दगी की औकात ही क्या हैं।।
Tumne Samjha Hi Nahii Aur Na Hii Samjhana Chaha, Hum Chahtey Hii Kya Thay Tumse Tumhare Siiwa ..
नसीहत देता हूँ इसका मतलब ये नही….. मैं समझदार हुँ…. बस हमने गलतिया आपसे ज्यादा की है।
उसको भूल जाने की कसम तो खाता हूँ मैं, फिर टपक पड़ते है आँसूं और कसम टूट जाती है !!
तेरी यादो को पसन्द आ गई है मेरी आँखों की नमी, हँसना भी चाहूँ तो रूला देती है तेरी कमी
बारिश की बूंदों में झलकती है तेरी तस्वीर, आज फिर भीग बैठे तुझे पाने की चाहत में !! >
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