~Tum Abhi Auron Ke Dil Khush Karo Tum Kya Jano Ishq Kya Hai .. ^
बेशक तू बदल ले अपनी मौहब्बत लेकिन ये याद रखना,, तेरे हर झूठ को सच मेरे सिवा कोई नही समझ Continue Reading..
समझ नहीं पाता उसकी आँखों की अदा, कभी लगता चाहत है, कभी लगता नफरत है..!!
जिंदगी जला दी हमने जब जैसी जलानी थी, अब धुऐ पर तमाशा कैसा और राख पर बहस कैसी.
किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम.. चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर Continue Reading..
सीख रहा हूँ धीरे-धीरे तेरे शहर के रीवाज . जिस से मतलब निकल जाये उसे जिंदगी से निकाल दो
तमननाओ की महफिल तो हर कोई सजाता है पर . पुरी उसी की होती जो तकदीर लेकर आता है
हर बार हम पर इल्ज़ाम लगा देते हो मोहब्बत का, कभी खुद से भी पूछा है इतने हसीन क्यों हो। Continue Reading..
पसंन्द आया तो दिल में , नही तो दिमाग में भी नही ।
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