Ek sukun or ek tum Pta nhi Kahn gum ho jate ho
Apni yaadon se kaho ek din ki chutti de mujhe… Ishq ke hisse mein bhi itwaar hona chahiye..
इश्क हुआ है तुझसे,बस यही खता है मेरी, तू मोह्बत है,और तू ही कमजोरी है मेरी।
सूखे होठोँ से ही होती है मीठी बाते प्यास बुझ जाए तो अलफाज और इंसान दोनो बदल जाते है
सीढिया उन्हे मुबारक हो…..जिन्हे छत तक जाना है….. हमारी मन्जिल तो आसमान है..रास्ता हमे खुद बनाना है..।
मन की मैं पौसो से गरीब हु, पर कोई माझे अपना बनाये तो उसके सारे गम खरीद सकता हूं
ये दुनियाँ के तमाम चेहरे तुम्हें गुमराह कर देंगें.. तुम बस मेरे दिल में रहो, यहाँ कोई आता जाता नहीं
वक्त बहुत कीमती होता है, इसलिए अपना नहीं दूसरों का बरबाद करें
मुझे ही लोग खो देते हैं अक्सर किसी को मैं कभी खोता नहीं हूँ
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