~ बड़ा अजीब सा जहर था उसकी यादों का सारी उम्र गुजर गयी मरते – मरते .. ^
हम वही हैं बस ज़रा सा ठिकाना बदल दिया है आजकल तेरे दिल से निकल कर अब अपनी औक़ात में Continue Reading..
Ehsas badal jate hain bas aur kuch nahi, Warna mohabbat aur nafrat ek hi dil se hoti hai.
~La’Parwah Haii Woh Zamaney Bhar Ka, Phiir Bhi Accha Lagta Hai Zamaney Bhar Se .. ‘
ऐब भी बहुत हैं मुझमें और खूबियां भी.. ढूँढने वाले तूं सोच, तुझे चाहिए क्या मुझमे..
मैं नादान था जो वफ़ा को तलाश करता रहा ग़ालिब… ये भी न सोचा के एक दिन अपनी साँस भी Continue Reading..
सोचता हूं कि अब खुद पर ही इल्जाम लगा दूं, . दिल मानता ही नहीं कि वो बेवफा है
ताल्लुक अगर हो तो रूह से रूह का होना चाहिए दिल तो अक्सर एक – दुसरे से भर जाया करते Continue Reading..
समझ नहीं पाता उसकी आँखों की अदा, कभी लगता चाहत है, कभी लगता नफरत है..!!
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