Kuch Tu SambhaaL k RaKhTay. MuJh Ko Bhi Kho Diya TuM Ne..
~Terey Baad Nazar Aati Nahi Mujhe Ab Koi Manzil, Kisi Aur Ka Ho Jana Ab Merey Bas Mein Hi Nahi Continue Reading..
बेकसूर कोई नहीं इस ज़माने मे, बस सबके गुनाह पता नहीं चलते.
Taqlik Kaniat Ki Yeh Reet Bari Nirali Hai.. Jo Ho Na Sake Apna Acha Bhi Wohi Lagta Hai..?
मुझ पर इलज़ाम झूठा है…. _यारों…_ मोहब्बत की नहीं..हो गयी थी….!!
ना जाने इस ज़िद का नतीज़ा क्या होगा.. समझता दिल भी नहीँ वो भी नहीँ मैँ भी नहीँ..
मुझे रुलाकर सोना तेरी आदत बन गयी है .. जिस सुबह मेरी आँख न खुली उस दिन तुझे तेरी अपनी Continue Reading..
मेरी बरबादियों में तेरा हाथ है मगर……. में सबसे कह रहा हूँ ये मुकद्दर की बात है…
मजबूर नही करेंगे तुझे वादे निभानें के लिए, बस एक बार आ जा, अपनी यादें वापस ले जाने के लिए..!!
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