Fakar ye h ki tum mere ho!! Fikar ye hai pta nhi kab tak!!
तुम तो मुझे रुलाकर दूर चले गये.. मै किससे पूछूँ मेरी खता क्या है..
जुबां तीखी हो तो खंजर से गहरा जख्म देती है,😰 और मीठी हो तो वैसे ही कत्ल कर देती है.
Tumhain tarteeb dy raha hon main, Mery andar bikhar gaye ho tum…!!!
तेरी मुहब्बत की तलब थी तो हाथ फैला दिए वरना, हम तो अपनी ज़िन्दगी के लिए भी दुआ नहीं करते…
~अब भी रोज तुम्हारे स्टेट्स पर एक नजर मार लेता हूं,, ये सोच कर शायद तुमने मेरे बारे में भी Continue Reading..
साजन कोई वकील मुझे ऐसा करा दे,, जो हारा हुआ प्यार मुझे फिर से जिता दे।।
सांपो के मुक्कदर में.. वो जहर कहाँ, जो आजकल इन्सान सिर्फ बातों मे ही उगलतें है।
हम तो खुशियाँ उधार देने का कारोबार करते हैं, कोई वक़्त पे लौटाता नहीं, इसलिए घाटे में हैं !!
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