मुझ पर इलज़ाम झूठा है…. _यारों…_ मोहब्बत की नहीं..हो गयी थी….!!
अजीब है इन्सान की शख़्सियत यारों, हवस ख़ुद की उठती है “तवायफ़” उसे बोलता है…
धडकनों को कुछ तो काबू में कर ए दिल अभी तो पलकें झुकाई है मुस्कुराना अभी बाकी है उनका.
-Udaas Dil Aur Nam Ankhein, Bas Yahii Miilta Haii Mohabbat Meiin .. ‘
Barbaad Hue Badnaam Hue Ek Teri Tamanna Ki Khatir….. Ye Duniya To Hamari Ho Na Saki, Ek Tum To Hamare Continue Reading..
इजाजत तो उसने भी न दी थी हमे मोहब्बत की.. वो शायरी पे वाह-वाह करते रहे और हम तबाह होते Continue Reading..
भूखा पेट,खाली जेब और झूठा प्रेम इन्सान को जीवन मे बहुत कुछ सिखा जाता है
एक तरफा ही सही मगर प्यार तो प्यार है..!!❤ उसे हो ना हो लेकिन मुझे बेशुमार है..!
तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ ..!!
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *