मुझ पर इलज़ाम झूठा है…. _यारों…_ मोहब्बत की नहीं..हो गयी थी….!!
मेरे लफ़्ज़ों से न कर मेरे क़िरदार का फ़ैसला।। तेरा वज़ूद मिट जायेगा मेरी हकीक़त ढूंढ़ते ढूंढ़ते।
दिल 💕 में सबको 👫 आने देता हूं, पर शक ना करना 👱 तू, जहाँ बस्ती हे, वहाँ किसी को Continue Reading..
तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ ..!!
शतरंज का खेल हम खेलते नही क्योकि दुशमनो को हम अपने सामने बैठाते नही और दोरतो के साथ हमे चाल Continue Reading..
-Aap Khud Hi Apnii AdaaO Pe Zara Gaur Kijiye, Hum Araz Krengey Toh Shikayat Hogi .. ‘
मैंने पूछा एक पल में जान कैसे निकलती है, उसने चलते चलते मेरा हाथ छोड़ दिया..
दोनों साथ गये हैं वक्त बिताने डिनर पर.. बातें मगर उनसे.. मोबाइल कर रहा है!
किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम.. चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर Continue Reading..
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *