मेरी कहानी तुम सुन सको…!!! . . इतने आँसू कहाँ हैं तुम्हारे पास…!!!
हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं, हम इसी वास्ते, अब हर शख्स से कम मिलते हैं
बिना मतलब के दिलासे भी नहीं मिलते यहाँ , लोग दिल में भी दिमाग लिए फिरते हैं !!
तने बुरे ना थे जो ठुकरा दिया तुमने हमेँ. तेरे अपने फैसले पर एक दिन तुझे भी अफसोस होगा!!!
मेरी ज़िन्दगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार निकला. मैं Haari भी तो apne ही Raaje से..!!
वो तो हम जैसे शायरों ने लफ़्ज़ों सेसजा रखा है… वरना मोहब्बत इतनी भी हसीं नहीँ होती…
क्या अजीब सबूत माँगा है उसने मेरी मोहब्बत का…… मुझे भूल जाओ तो मानू की तुम्हे मुझसे मोहब्बत है……..!!!!!!
Kuch isliye b mene use jaane se nhi roka, Kyu ki jata hi kyu agar mera hota……!!!!!
मेहनत इतनी खामोशी से करो कि . “सफलता शोर मचा दे”
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