मेरी कहानी तुम सुन सको…!!! . . इतने आँसू कहाँ हैं तुम्हारे पास…!!!
एक दिन हम एक-दुसरे को यह सोच कर खो देगे, कि वो याद नही करता तो मै क्यो करू
Talkh itni thi ky peeny sy zuban jalti thi Zindagi aankh ky pani mein mila li main ny…!!!
तेरी गली में आकर के खो गये हैं दोंनो.! मैं दिल को ढ़ूँढ़ता हुँ दिल तुमको ढ़ूँढ़ता है.!
कौन कहता है कि मुसाफिर ज़ख़्मी नहीं होते, रास्ते गवाह है बस गवाही नहीं देते.
हज़ारो मैं मुझे सिर्फ़ एक वो शख्स चाहिये जो मेरी ग़ैर मौजूदगी मैं मेरी बुराई ना सुन सके !!
ठुकराया हमने भी बहुतों को है…तेरी खातिर,,, तुझसे फासला भी शायद…उन की बददुआओं का असर हैं …!!!!
दीवार का कैलेंडर तो बदलता है हर साल, ए-ख़ुदा अब के बरस हालात भी तो बदल दे !!
दुआ का यूँ तो कोई रंग नहीं होता मगर दुआ रंग जरुर लाती है
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