शक तो था मोहब्बत में नुक्सान होगा, पर सारा हमारा होगा ये मालूम न था।
~Terii Soorat Ko Jab Sey Dekha Haii, Merii Aankhon Pe Log Martey Haiin Tab Sey .. ‘
तेरा ख्याल दिल से मिटाया नहीं अभी, बेवफा मैंने तुझ को भुलाया नहीं अभी।
काश मेरा घर तेरे घर के करीब होता, बात करना ना सही, देखना तो नसीब होता
~Bicharne Wale Tere Liye Ek Mashwara, Haii Kabhii Hamara Khayal Aye To Anyy Dena .. ‘
मैं मोहब्बत करता हूँ तो टूट कर करता हुँ… ये काम मुझे जरूरत के मुताबिक नहीं आता….
फुरसत अगर मिलें तो…मुझे पढ़ना जरूर,, शायद….. मैं ही तेरी उलझनों का…मुकम्मल जवाब हूँ…..!
पुछा उसने -मुझे, कितना प्यार करते है? मै चुप रहा यारो क्योकि, मुझे तारो की गिनती नही आती..
भरने को तो हर ज़ख्म भर जाएँगे, कैसे भरेगी वो जगह जहां तेरी कमी होगी !!
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *