शक तो था मोहब्बत में नुक्सान होगा, पर सारा हमारा होगा ये मालूम न था।
जिस के जी में जो आता है कह जाता है… दिल का क्या है सबकी सुन के रह जाता है…
तुम्हे क्या पता किस “दर्द” मे हूँ मैं ! जो कभी लिया ही नही,उस “कर्ज़” मे हूँ मैं
तेरा ख्याल दिल से मिटाया नहीं अभी, बेवफा मैंने तुझ को भुलाया नहीं अभी।
उसे अपना कहने की बड़ी तमन्ना थी दिल मे, इससे पहले बात लबो पर आती वो गैर हो गये ॥
*जब आप “फिक्र” में होते हो तो,खुद जलते हो… और* *आप “बेफिक्र” होते है,तो दुनिया जलती है…
हजारों अश्क़ मेरी आँखों की हिरासत में थे, फिर उसकी याद आई और इन्हें जमानत मिल गई
क्यों याद करेगा कोई बेवजह मुझे ऐ खुदा , लोग तो बेवजह तुम्हे भी याद नहीं करते !!”
Hotii Agar Mohabbat Baadal Kay Saye Kii Tarha, Meiin Tere Sheher Meiin Kabhii Dhoop Na Aaney Detii ..
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