*फिर उड़ गयी नींद ये सोच कर……* *सरहद पर बहा वो खून मेरी नींद के लिए था…..!!
अब ऩ कोई हमे अपनेपन का यकीन दिलाये, हमें रूह में भी बसा कर निकाला है लोगो ने..
Kuch Tu SambhaaL k RaKhTay. MuJh Ko Bhi Kho Diya TuM Ne..
मेरा कातिल कहीं मिले तो उसे ये खबर जरुर दे देना, जिसका तुमने कत्ल किया था वो शक्स आज भी Continue Reading..
~Terii Soorat Ko Jab Sey Dekha Haii, Merii Aankhon Pe Log Martey Haiin Tab Sey .. ‘
बड़ी बारीक़ी से पढ़ लेते है वो ख़ामोशी मेरी, बार बार यू मुझे अपना बनाना उन्हें बख़ूबी आता है।।
जरा तो शर्म करती तू पगली. मुहब्ब्त चुप चुप के और नफरत सरे आम.
Thak gaya hun main dard chhupate chhupate, Aur log kehte hain main muskurata bahut hun
मुश्किल नहीं है कुछ दुनिया में, तू जरा हिम्मत तो कर… खवाब बदलेगें हकीकत में.. तू ज़रा कोशिश तो कर।
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