शायद मुझे सुकून तेरे पास ही मिले… मुझको गले लगा बहुत बेक़रार हूँ……..
मोहब्बत थी, तो चाँद अच्छा था..! उतर गई, तो दाग भी दिखने लगे..
लोग गलतियां कर के बदनामी से बच गये…. मैं चंद ख्वाब देख के भी गुनहगार हो गया.
मर जाने के लिए थोड़ा ज़हर काफ़ी है, मगर जीने के लिए काफ़ी ज़हर पीना पड़ता है।
-Jab Meiin Kuch Bhii Nahii Sochtii Tab Bhii Meiin Tumhe Sochtii Hoon .. ‘
ज़िन्दगी तो बेवफ़ा है एक दिन ठुकराएगी…!!! . . मौत महबूबा है अपने साथ लेकर जाएगी…!!!
खुद के खोने का पता ही नहीं चला… , किसी को पाने की ‘इन्तहा’ कर दी मैंने….?
तुम मुझे खून दो, मै तुम्हे आजादी दुन्गा.. तू मुझे Request भेज, मै तुझे तेरे Boyfriend से आजादी दुन्गा l
किस किस तरह से छुपाऊँ तुम्हें मैं…. मेरी मुस्कान में भी नज़र आने लगे हो तुम…!!!!
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *