हम बने ही थे तबाह होने के लिए.. तेरा छोड़ जाना तो महज़ इक बहाना था.
जुबां तीखी हो तो खंजर से गहरा जख्म देती है, और मीठी हो तो वैसे ही कत्ल कर देती है.
कभी झुकने की तमन्ना कभी कड़वा लहजा अपनी उलझी हुयी आदतों पे रोना आया
दिल मे बने रहना ही सच्ची शोहरत है, वरना मशहूर तो कत्ल करके भी हुआ जा सकता है.!!
“मुझसे जब_भी मिलो तो नजरे उठा_के मिला_करो, मुझे_पसंद है अपने_आप को आपकी_आँखो मे देखना”
इतने जालिम न बनो कुछ तो दया सीखो, तुम पे मरते हैं तो क्या मार ही डालोगे।।
आज तो दिल भी धमकियाँ दे रहा है।। कर याद उसे वरना धड़कना छोड़ दूंगा
यूँ तो आदत नहीं मुझे मुड़ के देखने की… तुम्हें देखा तो लगा…एक बार और देख लू…
~Nahi Haii Meri Fitrat Mein Yeh Adaat, Warna Teri Tarah Badlna Mujhe Bhii Aata Haii .. ‘
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