हम बने ही थे तबाह होने के लिए.. तेरा छोड़ जाना तो महज़ इक बहाना था.
इतना सितम से पहले सोचा भी नहीं उसने, मैं सिर्फ दीवाना नहीं.. इंसान भी था
Nazdeek Ho Kar Bhi Woh Itna Door Hai Mujh Sy, Ishara Ho Nahi Sakta, Pukara Ja Nahi Sakta..
बहुत सोचा, बहुत समझा, बहुत देर तक परखा, तन्हा हो के जी लेना मोहब्बत से बेहतर है
मुस्कुरा के देखो तो सारा जहाँ रंगीन है। वर्ना भीगी पलकों से तो आईना भी धुंधला दिखता है।।
इश्क के तोहफे, तुम क्या जानो सनम, तुमने तो इश्क भी ऐसे किया, जैसे ख़रीदा हो
ये अच्छा है कि अच्छा नहीं हूँ मैं…!!! . . चलो कोई दुखी तो नहीं होगा मेरे मरने पे…!!!
हजार टुकड़े कर दिए उसने मेरे दिल के।।। फिर वो खुद रो पड़ी,,हर टुकड़े पर अपना नाम देख कर।।
~Tujhe Khabar Hai Tujhey Sochney Ki Khatir, Bohat Se Kaam Meiin Kal Par Chorr Detii Hoon .. ‘
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