सुनो, उसको बता देना की जो उस पर मरती थी न वो मर गयी है
कटी पतंग का रूख तो था मेरे घर की तरफ . पर उसे लूट लिया ऊँचे मकान वालों ने
वो भी आधी रात को निकलता है और मैं भी, फिर क्यों उसे “चाँद” और मुझे “आवारा” कहते हैं
किसी और का हाथ कैसे थाम लूँ…. वो तन्हा मिल गयी कभी तो क्या जवाब दूँगा…..!!
~Meiin Uske Khyaal Se Bhi Dur Jau Toh Kaiise, Woh Merii Soch Ke Har Raste Par Nazar Aata Haii .. Continue Reading..
मेरी दिल की दिवार पर तस्वीर हो तेरी _ और तेरे हाथों में हो तकदीर मेरी..! –
उनकी ना खाता थी हम ही गलत समझ बैठे दोस्तो वो मोहब्बत से बात करते थे और हम मोहब्बत ही Continue Reading..
Glti meri hi thi vo pappi pappi mangti rhi or me kutte ka bachaa dhundta RHA……..
तेरी जरूरत, तेरा इंतजार और ये तन्हा आलम, थक कर मुस्कुरा देती हूँ, मैं जब रो नहीं पाती !!
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