एक सफ़र ऐसा भी होता है दोस्तों, जिसमें पैर नहीं दिल थक जाता है…
~Tum Jo Kehte The Acha Haii Zamana Hum Se, Ye Batao K Mila Koi Hamarey Jaisa .. ?
कहीं ज़िद पूरी, कहीं जरूरत भी अधूरी… कहीं सुगंध भी नहीं, कहीं पूरा जीवन कस्तूरी…!!
कैसे गुजर रही है सभी पूछते तो हैं, कैसे गुजारता हूँ कोई पुछता नहीं…
मुझे रिश्तो की लंबी कतारोँ से मतलब नही , कोई दिल से हो मेरा, तो एक शख्स ही काफी है..।
मीठी यादों के साथ गिर रहा था, पता नहीं क्यों फिर भी मेरा वह आँसु खारा था.
मुझे महोब्बत है तेरे मन से.. न तेरी खूबसूरती से न लिबास से..
अंत में लिखी है दोनों की बर्बादी, आशिक़ हो या हो आतंकवादी.
Ladki hai wo, Alarm nahi Pyaar karo usse, set nahi.
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