वो जवानी ही क्या जिसे लोग पलट कर न देँखेँ
काग़ज़ पे तो अदालत चलती है.. हमने तो तेरी आँखो के फैसले मंजूर किये।
हसरतें आज भी खत लिखती हैं मुझे, पर मैं अब पुराने पते पर नहीं रहती ।।
~Sard Mausam Meiin Bohat Yaad Aatey Haii, Dhund Meiin Lipte Huye Waade Unke .. ‘
Zindagi Rude Hai Toh Kya Hua. Hum Bhi Toh Dude Hai….
जिँन्दगी मे इतनी शिद्दत से निभाना अपना किरदार . के परदा गिरने के बाद भी तालियां बजती रहे
काजल ज़रूरी है तुम्हारी आँखों को, मेरी आँखों को डूबने की हद्द पता रहती है..
कोई नहीं बचाकर रखना चाहता है यादें जान से प्यारे खत बेरुखी से जलने लगे हैं !!
अगर में कहुँ उदास हु तुम बिन तो तुम लौट आओगी ना
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