उसे हमारी याद तब ही आती है जब उसके पास कोई और बात करने के लिए ना हो ।।।।
-Ek Muddat Se Waqt Khamosh Tha Aaj, Lamhe Fir Yoon Hi Kuch Kehne Lage .. ‘
इतनी मतलबी हो गई हैं आँखें मेरी, कि तेरे दीदार के बिना दुनिया अच्छी नहीं लगती..!!!
ऐब भी बहुत हैं मुझमें और खूबियां भी.. ढूँढने वाले तूं सोच, तुझे चाहिए क्या मुझमे..
बचपन में भरी दुपहरी नाप आते थे पूरा महोल्ला, 💗जब से डिग्रियाँ समझ में आई, पाँव जलने लगे
में बहुत ज़ालिम हूँ ऐ मेरे दिल….. तुझे हमेशा उसके हवाले किया है, जिसे तेरी कदर ही नहीं…!!
आज रुठा हुआ इक दोस्त याद आया, अच्छा गुजरा हुआ कुछ वक्त बहुत याद आया।
Maine Uss Shakhs Ko Kabhi Hasil He Nahi Kiya…. Phir B Har Lamha Lagta Ha Maine Use Kho Diya….!!
शिकवे तो बहुत है,मगर शिकायत नही कर सकते…!! मेरे होंठों को इजाजत नही है,तेरे खिलाफ बोलने कि !
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