ज़ुल्फ़ें न बाँध … पगली हवाएँ नाराज़ हो जाएँगी.
तुम वादा करो आखरी दीदार करने आओगे… हम मौत को भी इंतजार करवाएँगे तेरी ख़ातिर.!!
वो मोहब्बतें जो तुम्हारे दिल में हैं, उससे जुबां पर लाओ और बयां कर दो, आज बस तुम कहो और Continue Reading..
शिकायतों की पाई पाई जोड़कर रखी थी मैंने, उसने गले लगाकर सारा हिसाब बिगाड़ दिया.
मैं दुनिया से लड़ सकता हूँ पर अपनो के सामने लड़ नहीं सकता, क्योंकि अपनो के साथ मुझे ‘जीतना’ नहीं Continue Reading..
हमे कहां मालूम था कि इश्क होता क्या है…? बस…. एक ‘तुम’ मिले और जिन्दगी…. मोहब्बत बन गई…
अंदाजा लगाओ मेरी मोह्हबत का इस बात से ही. तुम्हारे नाम का हर शख्स मुझे अच्छा लगता है…!!
हकीक़त थी…. ख्वाब था…. या तुम थे…. जो भी था…. हम तो उसी में गुम थे…
छेड़ने लगीं सहेलियां उसकी, उसको मुजसे मिलने के बाद, कि रंग क्यों बदला है तेरे होठों का उसको मिलने के Continue Reading..
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