हाथ की लकीरें भी कितनी अजीब हैं, हाथ के अन्दर हैं पर काबू से बाहर…
ख़ुबसूरत था इस क़दर के महसूस ना हुआ,,,,,,,, कैसे कहाँ और कब मेरा बचपन चला गया
नहीं हो सकता कद तेरा ऊँचा किसी भी माँ से ऐ खुदा… तू जिसे आदमी बनाता है, वो उसे इन्सान Continue Reading..
जब जरुरत के समय काम आने वाला पैसा बदल सकता है …. तो तू क्या चीज है…
जब तक ना लगे बेवफाई की ठोकर हर किसी को अपनी पसंद पर नाज़ होता हे
~ Shikway To Buhat Hain ,Magar Shikayat Nahe Kar Sakta ~ ~ Mere Honton Ko Ijazat Nahe HaiUske Khilaf Bolne Continue Reading..
उस शाम तुमने मुड़कर मुझे देखा जब… यूँ लगा जैसे हर दुआ कुबूल हो गयी
वक्त निकाल कर अपनों से मिल लिया करो, अगर अपने ही ना होंगे तो, क्या करोगे वक्त का ???
हम आते हैं महफ़िल में तो फ़कत एक वजह से, यारों को रहे ख़बर कि अभी हम हैं वजूद में..”
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *