Ae gham-e-zindagi na ho naraz, Mujhe ko aadat hai muskuraane ki..
वह मेरा वेहम था की वो मेरा हमसफ़र है। वह चलता तो मेरे साथ था पर किसी और की तलाश Continue Reading..
थमने लगी है नब्ज़ की रफ्तार भी अब तो। असर उनसे बिछड़ने का.. बड़ा जानलेवा है।।
मैं नादान था जो वफ़ा को तलाश करता रहा ग़ालिब… ये भी न सोचा के एक दिन अपनी साँस भी Continue Reading..
Kuch Naa Tha Mere Paas Khoney Ko, Tu Jo Mila Toh Darr Gayi Hoon Meiin ..
दुनियां वाले कहते हैं दिल लगाना छोड़ दो…… लेकिन उस भगवान को क्यु नहीं कहते कि वो हि दिल बनाना Continue Reading..
तेरी मुहब्बत की तलब थी तो हाथ फैला दिए वरना, हम तो अपनी ज़िन्दगी के लिए भी दुआ नहीं करते…
एक तो कातिल सर्दी, ऊपर से तेरी यादो की धुंध, बेहाल कर रखा है इश्क मे मौसमो ने भी।….
चंद पन्ने क्या फटे ज़िन्दगी की किताब के. ज़माने ने समझा हमारा दौर ही ख़त्म हो गया.
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