हम जो तेरे बगैर ज़िंदा है, सब दिखावा है दुनिया के लिए !!
कभी तू नाराज़ कभी मैं नाराज़.. उफ्फ ये मोहब्बत उफ्फ ये अंदाज़…😍😘
सुना है तुम ज़िद्दी बहुत हो, मुझे भी अपनी जिद्द बना लो.!!
वो बड़े घर की थी साहब, . छोटे से दिल में कैसे रहती.
जिन्हें प्यार नहीं रुलाता उन्हें प्यार की निशानियाँ रुला देती हैं.
मैं परेशान था उसकी ख़ातिर, औऱ वो दिल पे हाथ थाम के बैठी थी !!
~Apni Narazgii Ki Koii Wajah Toh Batayii Hotii, Hum Duniiya Chor Detey Tujhe Manany Ke Liiye .. ‘
तुमसे ऐसा भी क्या रिश्ता हे? दर्द कोई भी हो.. याद तेरी ही आती हे।
एक मशविरा चाहिए, ख़ुदकुशी करूं या इश्क..
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